डॉ. बी.एस. फोगाट

डॉ. बी.एस. फोगाट

देश में बढ़ती जनसंख्या के लिए खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। कीटों, नाशीजीवों, रोगों, खरपतवार, सूत्रकृमि, कृन्तकों आदि से औसतन 15-20% संभावित फसल बरबाद हो जाती है अत: वनस्पति संरक्षण के प्रयासों का उद्देश्य फसलों की क्षति को न्यूनतम करना है। सतत कृषि के लिए समग्र फसल उत्पादन कार्यक्रमों में वनस्पति संरक्षण नीतियों और कार्यकलापों का विशेष महत्व है। वनस्पाति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय द्वारा किए जाने वाले मुख्य कार्यकलापों में विदेशी नाशीजीवों से बचाव के लिए विनाशक कीट एवं नाशीजीव अधिनियम, 1914 को लागू करना; एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन को बढ़ावा देना; कीटनाशकों के आयात, विनिर्माण, विक्रय और प्रयोग को विनियमित करने के लिए कीटनाशी अधिनियम, 1968 को क्रियान्वित करना; अनुसूचित रेगिस्तानी क्षेत्रों में रेगिस्तानी टिड्डी पर निगरानी रखना और उस पर नियंत्रण करना तथा प्रशिक्षण के माध्यम से वनस्पति संरक्षण में मानव संसाधनों का विकास करना शामिल है।

भारतीय कृषि में बदलाव लाने की दृष्टि से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन यह संगठन सदैव अग्रणी रहा है। हमें आशा है कि इस शुरुआत से किसानों के हितों की दृष्टि से हम वनस्पति संरक्षण के क्षेत्र में बदलाव लाएंगे। मनुष्य होने के नाते किसानों में भी कृषि एवं वनस्पति संरक्षण के क्षेत्र में होने वाले बदलावों की जानकारी प्राप्त‍ करने की जिज्ञासा और असीम अभिलाषा होती है। किसानों, राज्य विस्ता्र कार्यकर्ताओं, कीटनाशक डीलरों, कृषि अधिकारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान करने का कार्य करना इस निदेशालय द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। इस बदलते हुए परिवेश में हमारी कृषि संबंधी जानकारी का दायरा बहुत ही विशाल है। उन्नत कृषि संसाधनों को अपनाने के लिए हमारे किसानों को अद्यतन जानकारी और विशेष कौशल की सहायता से मौजूदा कृषि कार्य करने की आवश्यकता है। यह निदेशालय वेबसाइट पर अधिक से अधिक कृषि संबंधी उपाय और जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है और इसका उद्देश्य, भविष्य में देश के प्रत्येक किसान के साथ संवाद स्थापित करना है ताकि हम देश के प्रत्येक किसान से संपर्क स्थापित कर सकें।

माननीय प्रधानमंत्री जी के अप्रतिम एवं ऊर्जापूर्ण नेतृत्व में शुरू किए गए ‘’मेक इन इंडिया’’, ‘’स्वच्छ भारत मिशन’’, ‘’प्रति बूंद अधिक फसल’’, ‘’ई-नाम’’, ‘’डी बी टी’’ जैसे अनेक कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप आज हम कृषि के क्षेत्र में सतत विकास और पैदावार प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

(डॉ. बी.एस. फोगाट)
वनस्‍पति संरक्षण सलाहकार